एक दावत क्या नया मोड़ लाएगी एक माँ बेटे के रिश्ते में? सुनिए भीष्म सिंह साहनी की लिखी “चीफ़ की दावत” मे।
एक दावत क्या नया मोड़ लाएगी एक माँ बेटे के रिश्ते में? सुनिए भीष्म सिंह साहनी की लिखी “चीफ़ की दावत” मे।
फतेहचंद के द्वारा की गयी नौकरी जब उसके आत्मसम्मान सवाल उठाएगी तब वह क्या अपने लिये कुछ कर पायेगा , जानते हैं मुंशी प्रेमचंद की लिखी रचना ‘इस्तीफ़ा’ में|
जानिये उस एहसास को जब ज़िन्दगी की पहली उड़ान भरते हैं हम, लियाम ओ’फ्लेहर्टी की लिखी ‘उसकी पहली उड़ान’ में |
अकेली सोमा बुआ कैसे ढूंढेंगी इस समाज में अपनी जगह, सुनिए मन्नू भंडारी जी की लिखी अकेली में|
कैसे एक फूल बना सास बहू में नोक झोंक का कारण , सुनिए सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी गुदगुदाने वाली रचना ‘कदम्ब के फूल’ में |
जानिये क्या हैं नाक के अलग अलग राज़ , हरिशंकर परसाई की लिखी ‘दो नाक वाले लोग’ व्यंग रचना में | 🙂
कैसे एक सुई ने मदद की एक माँ को अपने लिये बहू ढूंढ़ने में , सुनिए इसाक बेशविस सिंगर की लिखी ‘कथा एक ख़ास सुई की’ में |
क्या एक लड़का और लड़की की बरसों बाद हुई मुलाक़ात खोलेगी कुछ खट्टे मीठे यादों के पिटारे, सुनिए मनीष वैद्य की लिखी खूबसूरत रचना ‘खिरनी’ में |
जानिये गुलज़ार साहब के जीवन का एक किस्सा , उनकी लिखी खूबसूरत रचना तक़सीम में |
रबीन्द्रनाथ टैगोर जी के जन्मदिवस पर कहानी जानी अनजानी लाये हैं उनकी लिखी खूबसूरत रचना ‘अनमोल भेंट’, जानिये क्या हो सकते हैं एक भेंट के मायने |