क्या आज कल की डिजिटल दौड़ धूप में हम अपने बड़ों को कहीं भूल रहे हैं , सुनिए पूनम अहमद जी की लिखी रचना ‘ सॉरी माँ’ में |
क्या आज कल की डिजिटल दौड़ धूप में हम अपने बड़ों को कहीं भूल रहे हैं , सुनिए पूनम अहमद जी की लिखी रचना ‘ सॉरी माँ’ में |
सुनिए उन दिनों की बात जब एक आने के दो समोसे होते थे और जानिये गुरु शिष्य के अनमोल रिश्ते को आनंद विश्वास जी की लिखी ‘एक आने के दो समोसे में’ |
मनाइये यह रक्षाबंधन मुंहबोले भाई जगन के साथ और जानिये इस खूबसूरत रिश्ते की सुंदरता , दीप्ति मित्तल जी द्वारा लिखी ‘मुंहबोला’ में , कहानी जानी अनजानी के इस सप्ताह के रक्षाबंधन स्पेशल एपिसोड में |
75वे स्वतंत्रता दिवस पर सुनिए एक रोमांचक किस्सा लॉली रोड का कहानी जानी अनजानी के संग, आर.के.नारायण के द्वारा लिखी ‘लॉली रोड’ में |
एक दावत क्या नया मोड़ लाएगी एक माँ बेटे के रिश्ते में? सुनिए भीष्म सिंह साहनी की लिखी “चीफ़ की दावत” मे।
फतेहचंद के द्वारा की गयी नौकरी जब उसके आत्मसम्मान सवाल उठाएगी तब वह क्या अपने लिये कुछ कर पायेगा , जानते हैं मुंशी प्रेमचंद की लिखी रचना ‘इस्तीफ़ा’ में|
जानिये उस एहसास को जब ज़िन्दगी की पहली उड़ान भरते हैं हम, लियाम ओ’फ्लेहर्टी की लिखी ‘उसकी पहली उड़ान’ में |
अकेली सोमा बुआ कैसे ढूंढेंगी इस समाज में अपनी जगह, सुनिए मन्नू भंडारी जी की लिखी अकेली में|
कैसे एक फूल बना सास बहू में नोक झोंक का कारण , सुनिए सुभद्रा कुमारी चौहान जी की लिखी गुदगुदाने वाली रचना ‘कदम्ब के फूल’ में |
जानिये क्या हैं नाक के अलग अलग राज़ , हरिशंकर परसाई की लिखी ‘दो नाक वाले लोग’ व्यंग रचना में | 🙂