कैसी होगी विदेश की धरती पर अपने वजूद की तलाश , सुनिए डॉ वंदना मुकेश जी की लिखी “सरोज रानियां” में |
कैसी होगी विदेश की धरती पर अपने वजूद की तलाश , सुनिए डॉ वंदना मुकेश जी की लिखी “सरोज रानियां” में |
क्या स्त्री पर शोषण रायसाहब की सामाजिक प्रतिष्ठा पर सवाल उठाएगा या स्त्री का उपयोग मात्र एक वस्तु की तरह हो कर रह जाएगा , सुनिए अमरकांत जी की लिखी पलाश के फूल |
क्या कभी किसी के दिल की धड़कने सुन आपकी धड़कनें रुक गयी , सुनिए एडगर एलान पो की लिखी थ्रिलर रचना ‘ दिल की आवाज़’ में |
जाने अनजाने किसी को आंकने में हम कई बार गलती कर जाते हैं , क्या प्रबोध को ले कर ली ये सोच सुनंदा को असमंजस में डाल देगी , सुनिए राजेंद्र श्रीवास्तव की लिखी रचना ‘कलेजा’ में |
वक़्त बदल जाता है पर क्या कुछ बदलाव वक़्त के साथ भी नहीं आते , सुनिए पल्लवी अमित जी की लिखी ‘दोहराव’ में |
कैसा हो जब हम खुद को बुला खुद से ही बातें करने लगें , सुनिए अमरलाल द्वारा लिखी गुदगुदाती सिंधी कहानी का हिंदी अनुवाद ‘भाई अब्दुल रेहमान’ |
क्या बताएँगे दादा जी वक़्त या उसकी कीमत , सुनिए रोहन कानूनगो की लिखी बेहतरीन रचना ‘घड़ी वाले दादा’ में |
सुनिए अमृता प्रीतम जी की बहुप्रचलित कहानी ‘जंगली बूटी’ और जानिये अंगूरी की ज़ुबानी कि क्या होता है जब इंसान जंगली बूटी खा लेता है |
To celebrate small milestones in our crowd funding campaign and to mark reaching 100 epsiodes of Kahani Jaani Anjaani, we got you few short and impatful stories in our Bonus stories.
Cigarette By Ambrish Tripathi

क्या आशुतोष और चुन्नू के पास मिलेगी एक खोयी हुई पाजेब , सुनिए जैनेन्द्र कुमार जी द्वारा लिखी बहुप्रचलित रचना ‘पाजेब’ में |