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Ankahi Kahaniyaan First Edition Finalists

We would like to start with thanking everyone for sharing their untold, close to heart stories and making the first edition of “Ankahi Kahaniyaan” such a big success. Over the last couple of weeks we have been living various lives through all your stories and with great difficulty shortlisted 7 stories which have made it to the final round.

Our short listed stories are with our honorable judges now who are reading the stories and we will have our top 3 winners announced in upcoming episode of Kahani Jaani Anjaani podcast on this Friday September 4th, 2020.
Stay tuned to Kahani Jaani Anjaani at your favorite podcast app at https://linktr.ee/kahanijaanianjaani

And Meet Our Finalists With A Brief of their Stories… 🙂

लेखिका – तृप्ति वर्मा 
कहानी – कामयाबी
समाज के दबाव में आकर व्यक्तित्व को दबाती प्रतिस्पर्धा व् उससे होने वाले क्षति की कहानी।

लेखिका – डॉ सुषमा गुप्ता
कहानी – अछूत लड़की
कुछ अपने बारे में बताओ. नई हो इस कॉलेज में? मैंने नोटिस किया कि तुम सबसे अलग-थलग सी हो. कोई खास वजह…. एक व्यंगात्मक मुस्कान उसके चेहरे पर फैल गई…. क्योंकि मैं अछूत हूंँ! चाय का एक गर्म घूंट सट् से मेरे गले में उतर गया. (अछूत…. मैं शुद्ध ब्राह्मण… और ये…). मन मेरा कुछ भी सोच रहा हो लेकिन आधुनिकता तो दिखानी थी. आजकल कौन मानता है यह जांत-पांत ?

लेखक – श्रीनिवास बीसेट्टी
कहानी – कैद में आज़ादी 
क़ैद में आज़ादी एक लघु कथा है जो लेखक के परिप्रेक्ष्य से दर्शाया गया है। इस कथा के द्वारा लेखक ‘क़ैद में आज़ादी’ की मूल धारणा को उदाहरणों के सहायता से कुरेदते हुए इसकी परिभाषा ढूंढ़ने की कोशिश करता है। इस कोशिश में वह रमज़ान में रोज़े रखने के अनुभव, भूख से भिड़ंत का परिणाम और इनके माध्यम से क़ैद में आज़ादी ढूंढ़ने की प्रक्रिया को बहु चरित्रों में अपने पाठकों के साथ बांटता है।

लेखिका – शवेता गोस्वामी 
कहानी – मीठी कॉफी कड़वे लम्हें
कभी कभी हम अपने जीवन के कड़वेपन को अपना साथी बना लेते हैं,तब हमें थोड़े से मिठास से भी परहेज होने लगती है और तब हम चलना पसंद करते हैं अपने जीवन की सच्चाइयों के ही साथ भले ही वो कड़वा ही क्यों ना हो|

लेखिका – नितिका
कहानी – एकांतवास
मेघा दिल्ली में रहने वाली है ,वह जीवन मे प्रेम को खो देने के बाद एकमात्र उसकी इक्छा है लोगो तक खुद को पहुँचाने की ,उसके पिता उसके भविष्य के लिए चिंतित है उसे अक्सर किताबो में घुसे रहने की आदत से परेशान हो वो उसके वर्तमान में नितान्त अकेलेपन को बिना जाने उसे ओरो से तोलने की कोशिश करते है ,अंत मे बचता है एक अंधेरा भरा कमरा और नितान्त अकेले लोग जो भीड़ में भी एकांतवास काट रहे है ।।

लेखक – सैफ अली
कहानी – आत्मकथा
ये कहानी मूल रूप से एक व्यंग्य है, शराब के ऊपर कैसे शराब आपको मौत के मुंह तक ढकेल सकती है कैसे छोटे मोटे होने वाले भ्रष्टाचार के तरफ किसी का ध्यान ही नही जाता।

लेखक – अभिनव यादव 
कहानी – नीले चकत्ते 

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