कैसे तलाशेगा एक परदेसी अपने आप को अनजानी धरती पर अनजाने लोगों के बीच जानिये ममता कालिया जी की लिखी ‘परदेसी’ में |
कैसे तलाशेगा एक परदेसी अपने आप को अनजानी धरती पर अनजाने लोगों के बीच जानिये ममता कालिया जी की लिखी ‘परदेसी’ में |
इंसान हो या जानवर उनके सांझे ज़ज़्बातों को समझाती चित्रा मुद्गल जी की खूबसूरत कहानी ‘जंगल’ |
कैसी दोस्ती निभाएगा एक दोस्त अढ़ाई घंटे में , सुनिए हरिकृष्ण कौल जी की लिखी अढ़ाई घंटे में |
ज़िन्दगी की उलझाती परिस्थितियों में क्या एक निवाला निगला जाएगा या थूक दिया जाएगा , सुनिए इस्मत चुगताई जी द्वारा लिखी ‘निवाला’ में |
क्या आज़ाद हो कर भी गुलाम रह गए सत्ता के कुछ लोग , सुनिए कमलेश्वर जी की लिखी ‘जॉर्ज पंचम की नाक’ में |
इस रक्षाबंधन सुनिए शिवानी जी कि लिखी मार्मिक कहानी ‘मेरा भाई’ |
ढूंढिए अपने मन में छुपे चोर को , डॉ विनोद शाही जी कि लिखी ‘अंतरात्मा का चोर’ के साथ |
क्या उपहार लेगा हामिद ईद की खुशी में, जानिये मुंशी प्रेमचंद की लिखी बहुचर्चित रचना ईदगाह में |
चलिए सितारों की दुनिया में चार्ल्स डिकेन्स की लिखी ‘एक सितारा सपने में’ के साथ , A Child’s dream Of A Star का हिंदी अनुवाद |
सुनिए भगवती चरण जी की लिखी गुदगुदाने वाली रचना , वरना हम भी आदमी थे काम के |