क्या एक वियोग पोस्ट मास्टर और रतन की ज़िन्दगी बदल देगा , सुनिए रबीन्द्रनाथ टैगोर की खूबसूरत रचना ‘पोस्टमॉस्टर’ में |
क्या एक वियोग पोस्ट मास्टर और रतन की ज़िन्दगी बदल देगा , सुनिए रबीन्द्रनाथ टैगोर की खूबसूरत रचना ‘पोस्टमॉस्टर’ में |
कहाँ अटका होगा भोलाराम का जीव , क्या नारद मुनि उसे ढूंढ पाएंगे जानिये हरिशंकर परसाई जी की लिखी भोलराम का जीव में|
क्या एक बंद दरवाज़ा एक टीस दे जाएगा या एक नया रिश्ता बना देगा। सुनिए दीप्ति मित्तल जी द्वारा लिखी विजेता कहानी ‘खुले रखना दरवाज़े’ में |
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कैसे होगी बनते बिगड़ते रिश्तों की तुरपाई , सुनिए लोकेन्द्र सिंह कोट जी की लिखी ‘तुरपाई’ में |
क्या पंचो का फैसला जुम्मन शेख और अलगू की दोस्ती को बदल पायेगा, सुनिए मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखी पंच परमेश्वर में|
कैसे सवाल लाती हैं दूरियां माँ बाप और बच्चों के बीच में, सुनिए सूर्यबाला जी की लिखी खूबसूरत व संवेदनशील रचना ‘आखिरी विदा’ में | अंत में सूर्यबाला जी के साथ बातचीत के कुछ अंश भी |
अनकही कहानियां प्रतियोगिता की विजेता लेखकों को बहुत बहुत बधाई |
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालों सभी लेखकों का बहुत बहुत धन्यवाद|
Winner Story – खुले रखना दरवाजे By Deepti Mittal
1st Runner Up – डर By Poonam Ahmed
2nd Runner Up – तुरपाई By Dr Lokendra Singh Kot
Special Mention Stories
घड़ी वाले दादा By Rohan Kanungo
नखरीली नींद By Pallavi Amit
क्या इस दशहरा हुई बुराई पर अच्छाई की जीत ? सुनिए संजीव जायसवाल ‘संजय’ जी की लिखी कहानी ‘मैं चुप नहीं रहूंगी’ में |
सुनिए क्या हुआ दो अजनबियों के बीच एक रेल यात्रा में , पल्लवी अमित की लिखी रचना ‘दो अजनबी’ में |